✍️ पंकज जैन
मंडीदीप, मध्यप्रदेश | भगवान महावीर स्वामी के 2550वें निर्वाण महोत्सव को भव्य एवं ऐतिहासिक स्वरूप प्रदान करने के उद्देश्य से, आचार्य श्री १०८ प्रज्ञसागर जी मुनिराज की प्रेरणास्पद अगुवाई में, भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय तथा भगवान महावीर निर्माण उत्सव समिति द्वारा संचालित अहिंसा पावापुरी रथ यात्रा सोमवार देर शाम औद्योगिक नगरी मंडीदीप के पटेल नगर स्थित श्री १००८ महावीर दिगंबर जैन मंदिर में आध्यात्मिक उल्लास और श्रद्धा के साथ पहुँची।

अरविंद जैन, सुनील काला, अशोक जैन (मेडिकल) और विनोद कुमार जैन (RNG) ने जानकारी देते हुए बताया कि यह रथ यात्रा पिछले डेढ़ वर्ष से संपूर्ण भारतवर्ष में अहिंसा, सत्य, अपरिग्रह, संयम, ब्रह्मचर्य और जियो एवं जीने दो जैसे जैन सिद्धांतों का संदेश लेकर जनमानस को जागरूक कर रही है। इसका शुभारंभ दिल्ली से केंद्रीय मंत्री श्री नितिन गडकरी ने हरी झंडी दिखाकर किया था।

अब तक 14 से अधिक राज्यों और सैकड़ों नगरों की यात्रा कर चुकी इस रथ यात्रा में भगवान महावीर की दुर्लभ काले पाषाण की प्रतिमा विराजमान है, जो हर स्थान पर भक्तों को अनूठा आत्मिक अनुभव प्रदान कर रही है। आरती, शांतिधारा, अभिषेक एवं पूजन जैसे संस्कारों के माध्यम से यह यात्रा लोगों को जैन संस्कृति और दर्शन से आत्मीय रूप से जोड़ रही है।

अहिंसा के पुनीत संदेश को लेकर आगे बढ़ रही यह रथ यात्रा भारत की आध्यात्मिक चेतना को पुनः जागृत कर रही है, और भगवान महावीर के दिव्य सिद्धांतों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लेकर आगे बढ़ रही है।
मंडीदीप में आयोजन की झलकियां :

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5 मई 2025, शाम 5 बजे : रथ यात्रा का स्वागत श्री १००८ महावीर दिगंबर जैन मंदिर, पटेल नगर में भक्तिभाव एवं मंगल ध्वनि के साथ हुआ।
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शाम 7:30 बजे : मंदिर प्रांगण में भगवान महावीर की भव्य महाआरती का आयोजन, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
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6 मई 2025, सुबह 8 बजे : अभिषेक, शांतिधारा और पूजन अनुष्ठानों के साथ भक्तों ने धर्म-लाभ प्राप्त किया।
डिजिटल युग में आध्यात्मिक अनुभूति :








