✍️ जीआर : हेमलता जैन
भोपाल, मध्यप्रदेश | राजधानी भोपाल में 30 अप्रैल 2025 को ‘श्री विद्या प्रमाण गुरुकुलम्’ का भव्य शुभारंभ हुआ, जो आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ नैतिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों के समन्वय का एक अनूठा प्रयास है।
यह गुरुकुल पूज्य आचार्य श्री 108 विद्यासागर जी महाराज के आशीर्वाद और मुनि श्री 108 प्रमाण सागर जी महाराज की प्रेरणा से स्थापित हुआ है।

गुणायतन परिवार द्वारा संचालित यह गुरुकुल 180 मेधावी छात्रों को नि:शुल्क शिक्षा प्रदान करेगा, जिसमें आधुनिक विषयों के साथ-साथ आत्मिक विकास, संयम, संस्कार और आत्मबोध की शिक्षा दी जाएगी। यह पहल भारतीय गुरुकुल परंपरा को पुनर्जीवित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
मुनि श्री प्रमाण सागर जी महाराज के विचार
शुभारंभ समारोह में मुनि श्री प्रमाण सागर जी महाराज ने कहा, “जीवन के निर्माण में शिक्षा का महत्वपूर्ण स्थान है। बिना शिक्षा के जीवन अधूरा है।”

उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान शिक्षा प्रणाली केवल बौद्धिक विकास पर केंद्रित है, जबकि नैतिक, चारित्रिक, भावनात्मक और आध्यात्मिक विकास भी आवश्यक हैं।
गुणायतन का उद्देश्य समाज का गुणात्मक परिवर्तन कर सकल समाज को सशक्त बनाना है।
गुरुकुल की विशेषताएं
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नि:शुल्क शिक्षा : 180 मेधावी छात्रों को स्कॉलरशिप के माध्यम से पूर्णतया नि:शुल्क शिक्षा प्रदान की जाएगी।
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समग्र विकास : आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ नैतिक, चारित्रिक, भावनात्मक और आध्यात्मिक विकास पर विशेष ध्यान।
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संस्कार और संयम : छात्रों को संयमित जीवन, संस्कार और आत्मबोध की शिक्षा।
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प्रेरणादायक वातावरण : सात्विक व उत्कृष्ट वातावरण छात्रों के समग्र विकास के लिए।
प्रमुख घोषणाएं और उपस्थिति
गुणायतन के अध्यक्ष विनोद काला (कोलकाता) और कार्याध्यक्ष एन.सी. जैन (दिल्ली) ने नि:शुल्क शिक्षा की घोषणा की।

गुणायतन, सेज इंटरनेशनल और विद्यासागर इंस्टीट्यूट के समस्त डायरेक्टर मौजूद रहे।
संयोजक नरेंद्र जैन टोंग्या, प्रमुख रचना पारिख, दिलीप बिल्डकॉन के डायरेक्टर, प्रशांत जैन, रोहित जैन, अनुभव सराफ, देवेंद्र जैन सहित कार्यकर्ताओं का सम्मान किया गया।








