✍️ रिपोर्ट : अतुल कुमार जैन
शिवपुरी | नगर पालिका के सफाईकर्मी बीते पांच दिनों से हड़ताल (strike) पर हैं और उनकी यह जंग लगातार उग्र होती जा रही है। रविवार को भी पालिका परिसर में कर्मचारियों का जमावड़ा बना रहा और सभी अपनी मांगों को लेकर धरने पर डटे रहे।

25 सूत्रीय मांग पत्र, जिसमें मुख्य रूप से NPS घोटाला (NPS Scam) और EPF गड़बड़ियों (EPF Irregularities) के मुद्दे शामिल हैं, को लेकर कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि जब तक न्याय नहीं मिलता, आंदोलन जारी रहेगा। इस बीच, शहर की हालत बद से बदतर होती जा रही है – हर गली, मोहल्ले और बाज़ार में कचरे के ढेर नजर आ रहे हैं।
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सफाईकर्मी डटे हैं मांगों पर, पांचवें दिन भी आंदोलन जारी
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NPS और EPF घोटाले की जांच के लिए बनी कमेटी, कलेक्टर ने दिलाया भरोसा
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राजनीतिक दलों का समर्थन: कांग्रेस ने धरनास्थल पर जताया साथ
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शहर में गंदगी का अंबार, नागरिकों की परेशानी बढ़ी
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वाल्मीकि समाज ने कहा – शोभायात्रा की सफाई स्वयं करेंगे समाज के युवा
प्रशासन की पहल – कलेक्टर ने की मध्यस्थता
शनिवार को कलेक्टर रवीन्द्र कुमार चौधरी ने इस गंभीर स्थिति को देखते हुए नगर पालिका के दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठाकर चर्चा करवाई। बैठक में नगर पालिका अध्यक्ष गायत्री शर्मा, CMO इशांक धाकड़, और सफाईकर्मियों के प्रतिनिधि कमल किशोर कोड़े सहित अन्य प्रमुख सदस्य मौजूद रहे। कलेक्टर ने EPF और NPS से संबंधित सभी प्रकरणों की जांच के लिए एक स्वतंत्र समिति गठित करने के निर्देश दिए।
साथ ही, सफाईकर्मियों के जबरन किए गए स्थानांतरण (transfers) पर रोक लगाने और सहमति से तबादलों की प्रक्रिया अपनाने को भी कहा गया।
राजनीतिक समर्थन – कांग्रेस नेताओं की एंट्री
हड़ताल को नया मोड़ तब मिला जब पूर्व मंत्री केपी सिंह, विधायक कैलाश कुशवाह, और कांग्रेस जिलाध्यक्ष विजय सिंह चौहान के नेतृत्व में कांग्रेस के पार्षद और कार्यकर्ता धरनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने सफाईकर्मियों को आश्वासन दिया कि उनकी समस्याएं विधानसभा (Assembly) में उठाई जाएंगी।

पूर्व मंत्री केपी सिंह ने सुझाव दिया कि आंदोलन को दो भागों में बांटा जाए – शासन से जुड़ी मांगों के लिए राज्य स्तर पर संघर्ष किया जाए और नगर पालिका से संबंधित मांगों पर स्थानीय स्तर पर वार्ता की जाए।
समाज की भागीदारी – वाल्मीकि युवाओं की जिम्मेदारी
इस पूरे घटनाक्रम के बीच, वाल्मीकि समाज ने भी आगे आकर अपनी भूमिका निभाने का संकल्प लिया है। उन्होंने घोषणा की है कि आने वाली राम शोभायात्रा (Ram Shobha Yatra) के मार्ग की सफाई समाज के युवा वालंटियर्स स्वयं करेंगे, ताकि धार्मिक आस्था प्रभावित न हो। यात्रा के बाद की सफाई भी समाज की ओर से की जाएगी।

“बैठक में निर्णय लिया गया है कि एनपीएस व ईपीएफ के मामलों की जांच के लिए कमेटी गठित होगी। सफाईकर्मियों के थोकबंद तबादले वापस लिए जाएंगे और सहमती के आधार पर तबादले होंगे। अन्य जो भी बिदु है, उन पर नपा और सफाईकर्मी आपस में बात कर सहमती बनाकर हड़ताल समाप्त करेंगे।”
रवीन्द्र कुमार चौधरी, कलेक्टर शिवपुरी“बैठक में एनपीएस व ईपीएफ के मुद्दे पर कमेटी बनाकर जांच कराने का निर्णय लिया गया है। सफाईकर्मियों के स्थानांतरण निरस्त करने के निर्देश हमने सीएमओ को दे दिए हैं। आपसी सहमती के आधार पर स्थानांतरण किए जाएंगे। सभी बिदुओं पर बात हो चुकी है, अब हड़ताल समाप्त हो जानी चाहिए।
गायत्री शर्मा, नपाध्यक्ष, शिवपुरी“हमारी सभी बिंदुओं को लेकर आज कलेक्टर सभागार में बात हुई थी। कुछ बिंदुओं पर सहमती वन गई है, उनका दस्तावेजीकरण होना है। कुछ बिदुओं पर अभी बहुत से बातें स्पष्ट होना है। जैसे ही सीएमओ सहमती के आधार पर तय हुए विदुओं को कागज पर लेकर आ जाएंगे। हम हड़ताल समाप्त कर देंगे। इसके अलावा समाज द्वारा लिए गए निर्णय के आधार पर रामनवमी के त्यौहार के लिए हमारे कुछ युवक चल समारोह मार्ग की सफाई करेंगे।”
कमल किशोर कोड़े, सफाईकर्मी नेता







