रिपोर्ट-राजू अतुलकर
मंडीदीप | शीतल सिटी और उससे जुड़ी अन्य कॉलोनियों में मूलभूत सुविधाओं की कमी और मेंटेनेंस बढ़ाने की तैयारी को लेकर रहवासियों का गुस्सा आखिरकार फूट पड़ा। सोमवार शाम करीब 6 बजे बड़ी संख्या में महिला-पुरुष एकत्रित होकर प्रभाकर कंस्ट्रक्शन कंपनी के संचालक मनोज प्रधान का घेराव करने पहुंचे।
मूलभूत सुविधाओं का अभाव, परेशान रहवासी
वार्ड नंबर 23 में स्थित शीतल सिटी, शीतल मेगा सिटी, फेज-1, फेज-2 और फेज-3 में करीब 1500 परिवार निवास कर रहे हैं। रहवासियों का आरोप है कि कॉलोनी के निर्माण के दौरान बिल्डर ने कई वादे किए थे, लेकिन आज तक उन्हें पूरा नहीं किया गया। कॉलोनीवासियों को पीने का साफ पानी भी पर्याप्त मात्रा में नहीं मिल पा रहा है। वहीं, सड़कों की हालत जर्जर है, नालियों की सफाई नियमित रूप से नहीं हो रही है और बिजली के मीटर भी अब तक रहवासियों के नाम पर स्थानांतरित नहीं किए गए हैं।
बिल्डर के खिलाफ नारेबाजी, विरोध प्रदर्शन में महिलाओं की बड़ी भागीदारी
प्रभाकर कंस्ट्रक्शन कंपनी के संचालक मनोज प्रधान के कार्यालय के बाहर बड़ी संख्या में एकत्रित हुए रहवासियों ने जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाओं ने भी भाग लिया और कॉलोनाइजर के खिलाफ नाराजगी जाहिर की।
“पहले वादे पूरे करो, फिर मेंटेनेंस बढ़ाओ”
शीतल परिवार समिति के वरिष्ठ अधिकारी ओम प्रकाश पांडे ने बताया कि बिल्डर अब मेंटेनेंस बढ़ाने की तैयारी कर रहा है, जबकि कॉलोनी में पहले से कई सुविधाएं अधूरी हैं। उन्होंने कहा, “हमारी मांग है कि पहले कॉलोनी में बकाया कार्य पूरे किए जाएं, तभी मेंटेनेंस बढ़ाने की बात हो।”








