रिपोर्ट-अतुल कुमार जैन
शिवपुरी जिले में औद्योगिक विकास को नई दिशा देने के लिए प्रशासन ने बड़ौदी के बाद अब पिछोर में एक नवीन औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की योजना बनाई है। इस पहल का उद्देश्य स्थानीय लघु उद्योगों को संगठित प्लेटफ़ॉर्म प्रदान करना है, जिससे फुटकर उद्योग संचालित करने वाले व्यापारियों को सशक्त समर्थन मिल सके।
कलेक्टर रवींद्र कुमार चौधरी ने इस परियोजना के लिए 9.10 हेक्टेयर भूमि का आवंटन किया है, जो बदरवास गांव में मुख्य सड़क से सटी हुई है। इस स्थान पर 5,000 और 10,000 वर्ग फीट के भूखंड उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे स्थानीय छोटे व्यवसायी आसानी से इनका लाभ उठा सकेंगे।
वर्तमान में, करैरा, पिछोर और नरवर क्षेत्रों में लगभग 40-50 स्थानों पर मूंगफली से दाना निकालने का कार्य किया जा रहा है। हालांकि, यह कार्य अभी असंगठित रूप में संचालित हो रहा है। जिला उद्योग केंद्र की योजना है कि इस व्यवसाय को एक स्थान पर केंद्रीकृत किया जाए, जिससे बाहरी निवेशक भी आकर्षित हों और यह उद्योग प्रदेश के औद्योगिक मानचित्र पर प्रमुखता से उभरे।
इस परियोजना की ड्राइंग और डिजाइन तैयार हो चुकी है, और लघु उद्योग निगम द्वारा अनुमानित बजट भी प्रस्तुत किया गया है। बजट स्वीकृति के पश्चात, जिला उद्योग केंद्र इस क्षेत्र में प्लॉट निर्माण, बाउंड्री वॉल और अन्य आवश्यक संरचनाओं का विकास कार्य प्रारंभ करेगा, ताकि आने वाले उद्यमियों को सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हों।
यह उल्लेखनीय है कि जिले में मूंगफली से दाना निकालने का कार्य स्थानीय स्तर पर महत्वपूर्ण है, और यहां से उत्पादित दाना बाहरी बाजारों में भी निर्यात होता है। जिला उद्योग केंद्र इस व्यवसाय को प्रदेश स्तर पर पहचान दिलाने की योजना बना रहा है, जिससे बाहरी उद्योगपति भी इस क्षेत्र में निवेश के लिए प्रेरित हों और स्थानीय व्यापारियों को इसका पूर्ण लाभ मिल सके।
इनका कहना…
“नरवर, पिछोर, करैरा में मूंगफली दाने का काम करने वाले 40-50 व्यवसायी हैं, इन लोगों ने छोटी-छोटी यूनिट लगा रखी है। औद्योगिक क्षेत्र विकसित होने से सभी व्यापारियों को एक बेहतर मंच मिलेगा। जिससे व्यापारियों को काफी लाभ होगा।”
अजय तिवारी, प्रबंधक-जिला उद्योग केंद्र







