रिपोर्ट-अतुल कुमार जैन
शिवपुरी | हाल ही में, कुछ उपद्रवी युवकों ने सोशल मीडिया पर अश्लील पोस्ट बनाकर साझा की, जिसमें निचले तबके की युवतियों और महिलाओं के प्रति अभद्र टिप्पणियाँ की गईं। इस घटना से समाजिक सौहार्द बिगड़ने की आशंका उत्पन्न हुई। भीम आर्मी के जिला उपाध्यक्ष, वीरू जाटव ने इस मामले को पुलिस और प्रशासन के समक्ष प्रमुखता से उठाया, जिसके परिणामस्वरूप तीनों उपद्रवियों के खिलाफ पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की।
हालांकि, एफआईआर दर्ज होने के बाद भी, शुक्रवार रात को एक बार फिर से उपद्रवी अनुज भदौरिया ने दुस्साहस दिखाते हुए एक और वीडियो बनाकर इंस्टाग्राम पर साझा किया। इस वीडियो में उसने भीम आर्मी और सभी पत्रकारों को दो दिनों में देख लेने की धमकी दी। इस घटना से भीम आर्मी के पदाधिकारियों में और अधिक आक्रोश फैल गया।

नगर निरीक्षक, रवि चौहान ने भीम आर्मी के जिला उपाध्यक्ष, वीरू जाटव की मांग पर त्वरित कार्रवाई करते हुए, अनुज भदौरिया के पिता, देवेन्द्र भदौरिया को पुलिस हिरासत में लेकर पूछताछ की। हालांकि, अनुज भदौरिया का कोई सुराग नहीं मिलने पर, उनके पिता देवेन्द्र भदौरिया को शांतिभंग की कार्रवाई के तहत जेल भेज दिया गया। वर्तमान में, अनुज भदौरिया और अन्य युवकों की तलाश जारी है।
इस घटना ने समाज में सोशल मीडिया के दुरुपयोग और उसके प्रभाव पर गंभीर चिंतन की आवश्यकता को उजागर किया है। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि इस प्रकार की गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इनका कहना है…
“हमने पहले ही पुलिस-प्रशासन से उन उपद्रवियों के जुलूस निकालने की मांग की थी। किंतु नाबालिक होने के कारण उपद्रवियों पर कोई कठोर कार्रवाई नहीं की गई। जिस कारण उनके हौंसले बुलंद हुए और अनुज भदौरिया ने पुनहरू एक और विवादित पोस्ट शेयर कर कोलारस नगर का माहौल बिगाडने का दुस्साहस किया, जो किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
वीरू जाटव, जिला उपाध्यक्ष भीम आर्मी शिवपुरी“कोलारस नगर की शांति व्यवस्था को देखते हुए हमने उपद्रवी अनुज भदौरिया के पिता देवेन्द्र भदौरिया के खिलाफ कार्रवाई की है। क्योकिं अनुज ने उसी के मोबाइल से विवादित पोस्ट शेयर की थी। अनुज की तलाश जारी है।”
रवि चौहान, नगर निरीक्षक कोलारस“पुलिस द्वारा अनुज के पिता देवेन्द्र भदौरिया को हमारे यहां पेश किया गया था। किंतु उसकी जमानत न लेकर हमने उसे जेल भेज दिया है।”
सचिन भार्गव, तहसीलदार कोलारस







