रिपोर्ट-आजम खान
भोपाल | भारत सरकार ने वर्ष 2000 में थाई मांगुर मछली (वैज्ञानिक नाम: Clarias gariepinus) के पालन, उत्पादन और बिक्री पर पूरी तरह से रोक लगा दी थी। इस प्रतिबंध के पीछे मुख्य कारण इस मछली का आक्रामक स्वभाव और पर्यावरण पर इसका नकारात्मक प्रभाव था। यह मछली अत्यधिक मांसाहारी होती है और प्रदूषित पानी में भी तेजी से बढ़ती है, जिससे जल स्रोतों की पारिस्थितिकी असंतुलित हो जाती है। वैज्ञानिक अध्ययनों के अनुसार, इस मछली के सेवन से कैंसर, मधुमेह और हृदय रोग जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।

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