रिपोर्ट-अतुल कुमार जैन
शिवपुरी | सरकारी जमीन पर कब्जे की घटनाएं अब कोई नई बात नहीं रहीं, लेकिन महावीर नगर क्षेत्र में मिठाई व्यवसाय से जुड़े एक परिवार द्वारा नाले पर पुल निर्माण का मामला बेहद चिंताजनक है। यह घटना न केवल नगर प्रशासन की अनदेखी को उजागर करती है, बल्कि इसमें अवैध संपत्ति अर्जित करने की सुनियोजित साजिश भी नजर आती है। नाले पर इस तरह के निर्माण कार्यों से जलनिकासी व्यवस्था बाधित हो सकती है, जिससे बारिश के मौसम में गंभीर जलभराव की समस्या उत्पन्न हो सकती है। सवाल यह उठता है कि जनसुविधाओं के साथ इस प्रकार खिलवाड़ कैसे किया जा रहा है और प्रशासन क्यों मौन है?
सरकारी नाले पर अतिक्रमण का यह उदाहरण साफ तौर पर दर्शाता है कि कानून के प्रति जवाबदेही केवल आम नागरिकों तक सीमित रह गई है। अवैध निर्माण कार्यों के बावजूद प्रशासन का निष्क्रिय रहना सवाल खड़े करता है। क्या प्रशासन माफियाओं के दबाव में है या यह पूरी तरह से भ्रष्टाचार का मामला है?
जमीन मालिकों पर दबाव और उनके अधिकारों का हनन








