रिपोर्ट-अतुल कुमार जैन
शिवपुरी के कलोथरा गांव में रहने वाले भागचंद आदिवासी की जिंदगी एक ऐतिहासिक मोड़ पर है। प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम जनमन) योजना के तहत उन्हें देश का पहला पक्का आवास मिला। यही नहीं, अब भागचंद को देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के निमंत्रण पर दिल्ली में 26 जनवरी की भव्य गणतंत्र दिवस परेड में शामिल होने का गौरव भी प्राप्त हुआ है। यह अवसर उनके जीवन के लिए अविस्मरणीय है।
भागचंद के साथ कलोथरा की ही रामश्री आदिवासी को भी यह प्रतिष्ठित आमंत्रण मिला है। दोनों लाभार्थियों को दिल्ली भेजने की जिम्मेदारी शिवपुरी प्रशासन ने निभाई। परेड के बाद ये दोनों राष्ट्रपति भवन में आयोजित विशेष भोज में भी हिस्सा लेंगे।
-
देश का पहला पीएम जनमन आवास पाने वाले भागचंद को दिल्ली बुलावा -
राष्ट्रपति के निमंत्रण पर गणतंत्र दिवस परेड में होंगे शिवपुरी के भागचंद
-
पीएम जनमन योजना: शिवपुरी के आदिवासी परिवारों की बदली तस्वीर
-
राष्ट्रपति भवन का भोज और 26 जनवरी परेड का निमंत्रण: भागचंद की नई पहचान
-
कच्चे मकान से पक्के सपनों तक: भागचंद और रामश्री की प्रेरणादायक कहानी
पहले कच्चे घर में रहते थे, अब मिला पक्का आशियाना
भागचंद आदिवासी की कहानी संघर्ष और सफलता का परिचायक है। पहले वह कच्चे मकान में जीवनयापन करते थे, जहां हर मौसम में असुविधाओं का सामना करना पड़ता था। लेकिन पीएम जनमन योजना के तहत बने पहले पक्के आवास ने उनके जीवन में स्थायित्व और खुशी का संचार किया।
भागचंद कहते हैं, “पहले मकान की छत बारिश में टपकती थी। अब यह पक्का मकान न केवल हमारा घर है, बल्कि सम्मान और सुरक्षा का प्रतीक भी है।” उनकी यह खुशी तब और दोगुनी हो गई, जब गणतंत्र दिवस की परेड देखने और राष्ट्रपति भवन घूमने का निमंत्रण उन्हें प्राप्त हुआ।
रामश्री आदिवासी का भी सपना हुआ साकार
कलोथरा गांव की रामश्री आदिवासी, जिन्हें भी पीएम जनमन योजना के तहत आवास मिला, इस उपलब्धि से गदगद हैं। उन्होंने कहा, “पहले हमारे पास घर जैसा कुछ नहीं था। अब हमारा अपना पक्का मकान है। इसके लिए हम सरकार और राष्ट्रपति जी के आभारी हैं।” दिल्ली यात्रा और गणतंत्र दिवस परेड के निमंत्रण पर उन्होंने उत्साह व्यक्त किया।
गणतंत्र दिवस पर राष्ट्रपति भवन के भोज में लेंगे हिस्सा

भागचंद और रामश्री को राष्ट्रपति भवन के संग्रहालय और 26 जनवरी की शाम को आयोजित भोज का हिस्सा बनने का भी मौका मिलेगा। दोनों लाभार्थियों ने इसे अपने जीवन का सबसे गौरवपूर्ण पल बताया। यह अवसर न केवल उनके लिए, बल्कि उनके गांव और जिले के लिए भी गर्व का विषय है।
एक नई शुरुआत का प्रतीक है पीएम जनमन योजना









