रिपोर्ट-अतुल कुमार जैन
शिवपुरी | सार्वजनिक जीवन में अराजक गतिविधियों को बढ़ावा देने वाली चक्काजाम जैसी हरकतें अब बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। हाल ही में बामौर कलां और कोलारस में हुई घटनाओं ने यह दिखाया कि कुछ लोग अपनी निजी मांगों को पूरा करने के लिए सार्वजनिक मार्गों को बाधित करने से नहीं झिझकते। क्या यह सही है कि किसी के स्वार्थ के कारण एंबुलेंस रुक जाए, मरीज की जान पर बन आए, या बच्चे घंटों बस में फंसे रहें? यह न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि आम जनता के अधिकारों पर सीधा प्रहार है।
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चक्काजाम की घटनाओं पर पुलिस ने दिखाया सख्त रुख।
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भारतीय दंड संहिता की धारा 341 के तहत कानूनी कार्रवाई।
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आम जनता की सुविधा को प्राथमिकता देने की प्रशासनिक कोशिश।
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शांतिपूर्ण और वैधानिक समाधान की ओर जागरूकता का आह्वान।
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शिवपुरी में चक्काजाम पर लगाम लगाने, पुलिस ने अपनाया सख्त रुख
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सार्वजनिक मार्ग अवरोध पर कड़ी कार्रवाई, अब कोई रियायत नहीं
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अराजकता को नकार, कानून व्यवस्था बनाए रखने की प्रशासनिक कोशिश








