रिपोर्ट-स्थानीय संवाददाता
इंदौर के मशहूर हार्ट स्पेशलिस्ट डॉ. भरत रावत ने अपनी बेटी की शादी को सामाजिक सेवा और सादगी का प्रतीक बनाकर एक नई मिसाल पेश की। इस शादी ने न केवल परंपराओं को सादगी के साथ निभाया, बल्कि समाज को एक सकारात्मक संदेश भी दिया। डॉ. रावत ने मेहमानों से आग्रह किया कि वे गिफ्ट या नगद राशि के बजाय अपने घरों में रखे पुराने कपड़े और उपयोग में न आने वाला सामान लेकर आएं, जो जरूरतमंदों की मदद के लिए उपयोगी हो सके।
डॉ. रावत ने बताया, “यह विचार मेरे एक मित्र ने सुझाया था। जब मैंने इस विषय पर बच्चों से चर्चा की, तो उन्हें भी यह सोच बहुत अच्छी लगी।” उन्होंने कहा कि समाज में दिखावे और फिजूलखर्ची से बचने के लिए यह एक छोटा-सा प्रयास है। उन्होंने आगे कहा, “हमने सादगीपूर्ण तरीके से शादी आयोजित की और इसे सबने सराहा। आशा है कि अन्य लोग भी इस पवित्र अवसर को सादगी और मानव सेवा के साथ मनाएंगे।”

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सादगी के साथ मानव सेवा : बेटी की शादी में पेश की मिसाल
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पुराने सामान से जरूरतमंदों की मदद : डॉ. भरत रावत का अनूठा कदम
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फिजूलखर्ची पर रोक और मानव सेवा का संदेश
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शादी के तोहफे बने समाजसेवा का जरिया
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डॉ. रावत ने बेटी की शादी को बनाया प्रेरणा का माध्यम








