@पंकज जैन
मध्यप्रदेश भारतीय जनता पार्टी संगठन ने बुधवार को मध्यप्रदेश भाजपा के जिला अध्यक्षों की चौथी सूची जारी कर दी। रायसेन जिले में इतिहास ने एक नया अध्याय लिखा, जब राकेश शर्मा को भारतीय जनता पार्टी ने लगातार दूसरी बार जिला अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी। यह पहला अवसर है जब रायसेन जिले में किसी कार्यकर्ता को दो बार इस पद का गौरव प्राप्त हुआ। छोटे से गांव सांचेत में एक मध्यम वर्गीय किसान परिवार में जन्मे राकेश शर्मा ने अपनी मेहनत और समर्पण से यह मुकाम हासिल किया।

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किसान परिवार से भाजपा नेतृत्व तक का सफर तय किया राकेश शर्मा ने।
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संघ की नींव से भाजपा के शीर्ष पर पहुंचे रायसेन के राकेश शर्मा।
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दूसरी बार भाजपा जिलाध्यक्ष बनने वाले रायसेन के पहले नेता।
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पार्टी संगठन के प्रति निष्ठा ने दिलाई राकेश शर्मा को ऐतिहासिक सफलता।
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रिकॉर्ड बहुमत से चुनाव जिताने वाले राकेश शर्मा को भाजपा ने फिर सौंपी कमान।
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संघ और संगठन की तपस्या ने बनाया राकेश शर्मा को नेताओं की पहली पसंद।
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सांचेत गांव का बेटा दूसरी बार बना भाजपा जिलाध्यक्ष
42 वर्षीय राकेश शर्मा, जिन्होंने राजनीति शास्त्र में एमए किया है, भारतीय जनता पार्टी की विचारधारा के प्रति समर्पित रहे हैं। उनका यह सफर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से प्रारंभ हुआ, जहां बचपन से ही वे स्वयंसेवक के रूप में जुड़े। अपने पिता स्वर्गीय प्यारेलाल शर्मा और मां हीराबाई शर्मा के नौ बच्चों में सबसे छोटे राकेश ने परिवार की सादगी और संघ के अनुशासन को जीवन में अपनाया।

राकेश शर्मा ने संगठनात्मक कार्यों के प्रति अपनी निष्ठा और कड़ी मेहनत से पार्टी का भरोसा जीतकर रायसेन जिले में एक अलग पहचान बनाई। उनके नेतृत्व में भाजपा ने विधानसभा और लोकसभा चुनावों में रिकॉर्ड बहुमत हासिल किया। डेढ़ साल के कार्यकाल में उनकी रणनीतियों और संगठन कौशल ने पार्टी को ऊंचाइयों तक पहुंचाया।

पार्टी के लिए समर्पण का यह सफर आसान नहीं था। छात्र राजनीति से शुरुआत करते हुए राकेश शर्मा स्वामी विवेकानंद महाविद्यालय के छात्र संघ अध्यक्ष बने। आगे चलकर उन्होंने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) में जिला संयोजक और विभाग प्रमुख जैसे कई महत्वपूर्ण दायित्व निभाए। इसके बाद, भारतीय जनता युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष और भाजपा संगठन में उपाध्यक्ष के रूप में उनकी भूमिका ने उन्हें एक सशक्त नेता के रूप में स्थापित किया।

संघ के खंड संपर्क प्रमुख के रूप में भी उन्होंने अपनी सेवाएं दीं और नगरीय निकाय चुनावों में सक्रिय भूमिका निभाई। उनकी ईमानदारी, निष्ठा और संगठन कौशल ने उन्हें भाजपा का सबसे भरोसेमंद चेहरा बना दिया। राकेश शर्मा का मानना है कि राजनीति केवल सत्ता प्राप्ति का माध्यम नहीं है, बल्कि यह सेवा और समाज निर्माण का पवित्र साधन है।
उनकी इस सफलता के पीछे केवल उनकी मेहनत ही नहीं, बल्कि पार्टी और संघ के वरिष्ठ नेताओं का मार्गदर्शन और सहयोग भी शामिल है। जिलाध्यक्ष पद के लिए नामों पर हुए गहन मंथन और रायशुमारी के बाद राकेश शर्मा को इस पद के लिए चुना गया।









