रिपोर्ट-अतुल कुमार जैन
शिवपुरी | केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया 9 जनवरी 2025 को शिवपुरी जिले के बदरवास के बूढ़ा डोंगर गांव पहुंचे, जहां उन्होंने अडानी फाउंडेशन द्वारा प्रस्तावित “परिधान उत्पादन इकाई” के निर्माण कार्य का भूमि पूजन किया। इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और रोजगार के नए अवसर प्रदान करना है।
भूमि पूजन के बाद आयोजित महिला सम्मेलन में बदरवास की तीन प्रतिभाशाली महिलाओं ने अपनी मेहनत और कौशल से तैयार की गई एक विशेष जैकेट केंद्रीय मंत्री को भेंट की। जब सिंधिया ने यह जैकेट पहनी, तो उनकी खुशी देखते ही बन रही थी। उन्होंने जैकेट की प्रशंसा करते हुए कहा, “यह जैकेट इतनी शानदार और फिटिंग में इतनी परफेक्ट है कि शायद मेरी पत्नी भी ऐसी जैकेट न बना पाए! मैं दिल्ली लौटकर यह जैकेट अपनी पत्नी प्रियदर्शिनी को जरूर दिखाऊंगा।”

महिलाओं के लिए बड़ी सौगात
सिंधिया ने अपने संबोधन में महिलाओं की इस उपलब्धि को महिला सशक्तिकरण का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि बदरवास की महिलाएं अपने हुनर और मेहनत के दम पर क्षेत्र के विकास में नया अध्याय लिख रही हैं। उन्होंने यह भी वादा किया कि उनकी पत्नी प्रियदर्शिनी सिंधिया जल्द ही बदरवास आकर इन महिलाओं से व्यक्तिगत रूप से मिलेंगी और उनके प्रयासों को सराहेंगी।
ग्रामीण क्षेत्रों में नई संभावनाएं
अडानी फाउंडेशन की यह परिधान उत्पादन इकाई ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार के अवसर प्रदान करेगी और उन्हें आर्थिक रूप से सक्षम बनाएगी। इस पहल के माध्यम से महिलाएं अपनी कारीगरी को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचा सकेंगी।
सिंधिया ने इस प्रोजेक्ट को एक नई शुरुआत बताते हुए कहा कि यह इकाई न केवल रोजगार का साधन बनेगी, बल्कि महिलाओं के आत्मविश्वास को भी बढ़ाएगी। यह कदम महिलाओं के योगदान को सम्मान देने और उनके सपनों को नई उड़ान देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
समाज में नई ऊर्जा का संचार
कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं ने इस अवसर को अपने जीवन का एक महत्वपूर्ण मोड़ बताया। उनकी बनाई जैकेट को केंद्रीय मंत्री द्वारा सराहा जाना न केवल उनके लिए गर्व का विषय था, बल्कि यह उनके भविष्य को लेकर नई उम्मीदें भी जगाता है।








