रिपोर्ट-अतुल कुमार जैन
शिवपुरी | जिले के प्रभारी मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर स्वास्थ्य सेवाओं और अस्पतालों की स्थिति सुधारने के प्रति बेहद गंभीर हैं। उनके हर दौरे में यह प्राथमिकता रहती है कि स्वास्थ्य सेवाओं का वास्तविक मूल्यांकन किया जाए। इसी कड़ी में, गुरुवार सुबह उन्होंने जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान, एक बार फिर सफाई व्यवस्था उनके मानकों पर खरी नहीं उतरी। इस पर उन्होंने अपनी नाराज़गी जताई और स्वच्छता की अहमियत समझाने के लिए खुद नल का बेसिन साफ कर उदाहरण पेश किया।

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मंत्री तोमर का औचक निरीक्षण: सफाई पर जताई नाराज़गी, खुद की सफाई
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अस्पतालों में सुधार को लेकर सक्रिय मंत्री: 108 एंबुलेंस की जांच के आदेश
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जिला अस्पताल में गंदगी देख भड़के मंत्री, दिए कड़े निर्देश
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महिला की शिकायत पर तुरंत कार्रवाई, रेडक्रॉस एंबुलेंस से पहुंचाया घर
मंत्री तोमर ने इस अवसर पर कहा, “सफाई व्यवस्था में सुधार जरूर हुआ है, लेकिन अभी भी बहुत कुछ करने की जरूरत है। जहां कमी दिखती है, वहां सुधार करने का प्रयास जारी रहेगा।” उनके इस व्यावहारिक दृष्टिकोण ने अस्पताल कर्मियों को स्वच्छता के प्रति और अधिक संवेदनशील बनने का संदेश दिया।
108 एंबुलेंस सेवा में लापरवाही पर सख्त रवैया
निरीक्षण के दौरान, मंत्री तोमर को अस्पताल में एक महिला, रिंकी पत्नी आराम सिंह मिली। महिला ने शिकायत की कि डिस्चार्ज के बाद भी उसे 108 एंबुलेंस सुविधा नहीं मिल पाई। इस पर मंत्री ने एसडीएम उमेश कौरव और सिविल सर्जन डॉ. बीएल यादव को मामले की तत्काल जांच कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। महिला को घर पहुंचाने के लिए रेडक्रॉस की एंबुलेंस का इंतजाम भी करवाया गया।
इस पूरे घटनाक्रम ने दिखाया कि मंत्री तोमर स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए सिर्फ निरीक्षण नहीं करते, बल्कि वास्तविक समस्याओं को हल करने के लिए सक्रिय भूमिका निभाते हैं। उनका यह कदम स्वास्थ्य व्यवस्था को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
इनका कहना…
“एंबुलेंस मामले में मैंने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि मामले की जांच करें कि आखिर मरीजों को एंबुलेंस क्यों उपलब्ध नहीं हो पा रही है। इसमें जो भी लोग दोषी है उनके खिलाफ सख कार्रवाई किए जाने के निर्देश मेरे द्वारा दिए गए है।”
प्रद्युम्न सिंह तोमर, प्रभारी मंत्री









