रिपोर्ट-अतुल कुमार जैन
शिवपुरी जिले को केंद्रीय मंत्री एवं गुना संसदीय क्षेत्र के सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपनी तीन दिवसीय यात्रा के दौरान ऐतिहासिक सौगातें प्रदान कीं। माधव नेशनल टाइगर रिजर्व में पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से दो विशेष टाइगर सफारी वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। ये वाहन सिंधिया के सांसद निधि से 24 लाख रुपए की लागत से खरीदे गए हैं।
पर्यटकों के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए ऐतिहासिक जॉर्ज कैसल कोठी के नवीनीकरण और कैंटीन का भी उद्घाटन किया गया। इस परियोजना पर करीब 25 लाख रुपए खर्च किए गए हैं। मंत्री सिंधिया ने इस मौके पर जॉर्ज कैसल कोठी को शिवपुरी के सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहर के रूप में पुनर्जीवित करने की प्रतिबद्धता जताई।

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ज्योतिरादित्य सिंधिया ने शिवपुरी को दी ऐतिहासिक नई पहचान
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माधव नेशनल टाइगर रिजर्व में टाइगर सफारी का शुभारंभ
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जॉर्ज कैसल का नवीनीकरण: शिवपुरी की धरोहर को नई पहचान
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अब डिजिटल होगी सफारी: ऑनलाइन बुकिंग सेवा की शुरुआत
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सिंधिया ने खुद चलाई जिप्सी, किया जंगल सफारी का आनंद
सिंधिया ने खुद संभाली ड्राइविंग, जंगल सफारी का अनुभव किया साझा
केंद्रीय मंत्री ने एक अनोखे अंदाज में जिप्सी चलाकर जंगल सफारी का आनंद लिया। स्थानीय विधायक, अधिकारियों और पत्रकारों के साथ सफारी का अनुभव साझा करते हुए उन्होंने पर्यटन के बढ़ते दायरे पर प्रकाश डाला। सफारी के दौरान उन्होंने बाघ संरक्षण के महत्व पर भी चर्चा की और कहा कि यह क्षेत्र भविष्य में वैश्विक पर्यावरण पर्यटन के नक्शे पर एक प्रमुख स्थान बना सकता है।
अब टाइगर सफारी की ऑनलाइन बुकिंग संभव
माधव नेशनल टाइगर रिजर्व ने डिजिटल युग के अनुरूप अपनी सुविधाओं को विस्तार देते हुए ऑनलाइन बुकिंग सेवा शुरू की है। इस नई सुविधा का उद्घाटन भी स्वयं मंत्री सिंधिया ने किया। पहली ऑनलाइन बुकिंग कर उन्होंने इसे एक ऐतिहासिक शुरुआत बताया। यह कदम पर्यटकों के लिए सुविधाजनक और समय की बचत करने वाला होगा।
माधव नेशनल पार्क को मिला ‘टाइगर रिजर्व’ का दर्जा
माधव नेशनल पार्क को टाइगर रिजर्व का दर्जा दिलाने में केंद्रीय मंत्री सिंधिया की अहम भूमिका रही। उनके प्रयासों और मध्यप्रदेश सरकार के सहयोग से यह संभव हो पाया। लंबे समय बाद बाघों की दहाड़ एक बार फिर इस क्षेत्र में गूंजने लगी है। सिंधिया ने इसे अपने पूर्वज माधव महाराज और माधो महाराज प्रथम को समर्पित करते हुए कहा कि टाइगर रिजर्व बनने से वन्यजीव संरक्षण, क्षेत्रीय पर्यटन और रोजगार के नए अवसर उत्पन्न होंगे।









