रिपोर्ट-अतुल कुमार जैन
शिवपुरी | करैरा विधानसभा क्षेत्र के दिनारा स्थित जरगंवा गांव में सहरिया क्रांति आंदोलन के नए कार्यालय का शुभारंभ और नववर्ष मिलन समारोह जोश और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर राष्ट्रीय संयोजक संजय बेचैन मुख्य अतिथि रहे, जबकि अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष अवतार भाई सहरिया ने की। इस आयोजन में आसपास के गांवों से सैकड़ों सहरिया आदिवासी महिला-पुरुष शामिल हुए और समाज के विकास एवं अधिकारों के प्रति एक नई ऊर्जा का संचार हुआ।

कार्यक्रम की शुरुआत भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर माल्यार्पण और कार्यालय के उद्घाटन के साथ हुई। उपस्थित जनसमूह ने पारंपरिक तरीके से नववर्ष का स्वागत करते हुए समाज की एकजुटता और समृद्धि का संकल्प लिया। सभा में जनपद सदस्य रामकृष्ण पाल को कार्यालय सेवादार के रूप में नामित किया गया।
संजय बेचैन का आवाहन: भ्रष्टाचार के विरुद्ध संगठित संघर्ष की अपील

मुख्य अतिथि संजय बेचैन ने अपने भाषण में सहरिया आदिवासियों की समस्याओं पर प्रकाश डालते हुए उनके समाधान के लिए एकजुटता की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा, “सरकारी योजनाओं का लाभ सहरिया समाज तक पहुंचने से पहले भ्रष्टाचार की दीवार से टकरा जाता है। अब समय आ गया है कि सहरिया समाज अपने हक के लिए संगठित होकर आवाज बुलंद करे।”
उन्होंने तहसीलों में लंबित नामांतरण मामलों, कुटीर योजनाओं में व्याप्त भ्रष्टाचार, और अन्य समस्याओं का उल्लेख करते हुए कहा, “जब तक हम संगठित नहीं होंगे, हमारे अधिकारों का संरक्षण संभव नहीं है।”
समस्याओं का समाधान ही आंदोलन का लक्ष्य :8
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे अवतार भाई सहरिया ने कहा कि यह आंदोलन सिर्फ समस्याओं को उठाने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उनका समाधान भी करेगा। उन्होंने कहा, “सहरिया क्रांति आंदोलन हमारे समाज की आवाज है। हमें अपनी परंपराओं और अधिकारों की रक्षा के लिए जागरूकता बढ़ानी होगी।








