रिपोर्ट : बीपीआर
नई दिल्ली | विश्व जैन संगठन के तत्वावधान में जैन समाज के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। 22वें तीर्थंकर भगवान नेमिनाथ के मोक्षकल्याणक (2 जुलाई 2025) के पावन अवसर पर दिल्ली से गिरनार तक राष्ट्रीय स्तर पर “श्री नेमि गिरनार धर्म पद यात्रा” का आयोजन किया जाएगा। इस पद यात्रा का भव्य शुभारंभ 23 मार्च 2025 को प्रथम तीर्थंकर भगवान ऋषभदेव के जन्म कल्याणक के पावन दिवस पर दिल्ली से होगा।
17 दिसंबर 2024 को दिल्ली स्थित विश्वास नगर में विश्व जैन संगठन के मुख्यालय में विशेष सभा का आयोजन किया गया। सभा में दिल्ली और देश के अन्य राज्यों से आए 150 से अधिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। सभा के दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री संजय जैन ने यात्रा के उद्देश्यों और महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “जैसे सम्मेद शिखर जैन समाज के लिए विशेष तीर्थ है, वैसे ही गिरनार भी जैन समाज के लिए पवित्र मोक्षभूमि है। इस पद यात्रा के माध्यम से नेमिनाथ भगवान की तपस्या और अहिंसा के संदेश को जन-जन तक पहुंचाया जाएगा।
HEADLINE…
>>जैन समाज के इतिहास में पहली बार। दिल्ली से गिरनार तक राष्ट्रीय धर्म पद यात्रा का आयोजन।
>>भगवान नेमिनाथ के मोक्षकल्याणक पर 1500 किमी लंबी पद यात्रा की भव्य तैयारी।
>>ऋषभदेव जन्मकल्याणक पर 23 मार्च 2025 को दिल्ली से होगी यात्रा की शुरुआत।
>>विश्व जैन संगठन का ऐतिहासिक कदम: जैन तीर्थों को जोड़ने का प्रयास।
>>विश्व जैन संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष बोले: “गिरनार है जैन समाज का गर्व।”
>>अहिंसा, पर्यावरण संरक्षण और भाईचारे का संदेश लेकर चलेगी धर्म पद यात्रा।
>>22वे तीर्थंकर नेमिनाथ की मोक्षभूमि गिरनार पहुंचेगी राष्ट्रीय स्तर की धर्म यात्रा।
>>2 जुलाई 2025 को भगवान नेमिनाथ के मोक्षकल्याणक पर गिरनार पहुंचेगी यात्रा।
>>अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जैन समाज की एकता को मजबूत करेगी यह यात्रा।
>>गिरनार को राष्ट्रीय तीर्थ के रूप में स्थापित करने की दिशा में बड़ा कदम।
>>इंदौर के प्रसिद्ध भजन गायक मयूर जैन भी धर्म पद यात्रा का हिस्सा
अहिंसा, पर्यावरण संरक्षण और भाईचारे का संदेश :
संजय जैन ने बताया कि यह पद यात्रा न केवल धार्मिक महत्व रखती है, बल्कि इसका उद्देश्य समाज में अहिंसा, पर्यावरण संरक्षण और आपसी भाईचारे का संदेश देना भी है। उन्होंने गुजरात सरकार और केंद्र सरकार से यात्रा की सफलता में सहयोग की अपील की।
प्रमुख वैदिक उल्लेख :
उन्होंने यह भी बताया कि ऋग्वेद में भगवान नेमिनाथ का उल्लेख “अरिष्टनेमि” के रूप में किया गया है, जो जैन और वैदिक परंपराओं के ऐतिहासिक जुड़ाव को दर्शाता है।
विशेष सहयोग और तैयारियां :
इस सभा में संगठन के संरक्षक श्री गोल्डी जैन और राष्ट्रीय उपाध्यक्ष यश जैन ने यात्रा की तैयारियों की रूपरेखा प्रस्तुत की। साथ ही, उन्होंने बताया कि इस ऐतिहासिक पद यात्रा को सफल बनाने के लिए देश-विदेश में जैन समाज के सहयोगी संस्थानों को जोड़ा जा रहा है।
प्रमुख उपस्थित गणमान्य :
इस अवसर पर विश्व जैन संगठन के मंत्री राजीव जैन, सहमंत्री मनीष जैन, कोषाध्यक्ष मयंक जैन, प्रचार मंत्री प्रदीप जैन, मीडिया प्रभारी आकाश जैन समेत दिल्ली-NCR और देश के अन्य हिस्सों से आए प्रमुख जैन समाज के प्रतिनिधि उपस्थित थे। इंदौर से प्रसिद्ध भजन गायक मयूर जैन और कनाडा, गुजरात समेत अन्य राज्यों के प्रतिनिधियों ने भी वीडियो कॉल के माध्यम से अपने समर्थन का आश्वासन दिया।
शुभारंभ का भव्य आयोजन :
23 मार्च 2025 को दिल्ली से इस यात्रा की शुरुआत भगवान ऋषभदेव के जन्मकल्याणक के अवसर पर की जाएगी। हजारों की संख्या में श्रद्धालु पद यात्रा में भाग लेंगे। विभिन्न राज्यों से पद यात्री एकत्र होकर नेमिनाथ भगवान की मोक्षभूमि गिरनार के दर्शन करेंगे।
विश्व जैन संगठन के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी आकाश जैन ने उपरोक्त जानकारी देते हुए बताया कि यह धर्म पद यात्रा जैन समाज के इतिहास में एक मील का पत्थर साबित होगी और भगवान नेमिनाथ के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का एक अद्वितीय प्रयास करेगी।
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